एडीआर भवन झुंझुनू में कंबल वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ
एडीआर भवन झुंझुनू में कंबल वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ
झुंझुनू 7 दिसंबर।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के दिशा निर्देशन में झुंझुनू जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में सर्दी के मौसम को देखते हुए जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ एडीआर भवन झुंझुनू में बुधवार को किया गया।
जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती दीक्षा सूद ने बताया कि श्री ओ.पी. खेतान मेमोरियल फाउंडेशन, प्रबंध संरक्षक अक्षत अशोक कुमार खेतान मुंबई के आर्थिक सहयोग से 250 कम्बल वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार प्रातः 11:00 बजे किया गया।
उन्होंने बताया कि उपरोक्त कम्बलो का वितरण गरीब बस्तियों में जाकर जरूरतमंद व्यक्तियों को समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रेरक संस्था श्री श्याम आशीर्वाद सेवा संस्था के ट्रस्टी डॉक्टर डीएन तुलस्यान, परमेश्वर हलवाई एवं सुनील तुलस्यान ने एडीआर भवन के स्टाफ की उपस्थित में प्राधिकरण सचिव श्रीमती दीक्षा सूद को पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत भी किया।
*मृत्यु भोज कुरीति के संबंध में जागरूक किया*
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती दीक्षा सूद ने मृत्यु भोज जागरूकता हेतु संबोधित करते हुए बताया कि मृत्यु भोज प्रथा एक कुरीति है। मृत्यु भोज का अर्थ है कि परिवार के किसी भी सदस्य की मौत होने पर दुख की स्थिति में भी पूरे समाज के लोगों को कुरीति के तहत भोजन करवाना पड़ता है जिससे दुख की घड़ी में बजाय उस परिवार की मदद के उस परिवार पर आर्थिक बोझ पड़ जाता है, ऐसी सामाजिक कुप्रथा को दूर करने के लिए केवल व्यक्ति ही नहीं पूरे समाज की सोच को बदलना आवश्यक है। इस कुप्रथा का सामाजिक बहिष्कार जरूरी है। मृत्यु भोज के संबंध में मृत्यु भोज निवारण अधिनियम 1960 बनाया गया है जिसमें मृत्यु भोज को कानूनन रूप से गलत माना गया है तथा मृत्यु भोज कराने पर 1 वर्ष तक की सजा व ₹1000 दंड का भी प्रावधान है इस अधिनियम की धारा 3 में उल्लेख है कि राज्य में कोई भी मृत्यु भोज नहीं करवा सकता, ना ही उसमें शामिल हो सकता है। विदित है कि केवल राजस्थान राज्य ही एक ऐसा राज्य है जिसमे मृत्यु भोज पर पाबंदी है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें